कितनी मासूम तमन्ना है

नाम अपना तेरी आवाज़ में सुनूँ

ख्वाब लफ़्ज़ों में ढल नहीं सकते

काश आँखें पढ़ा करे कोई

तेरी कमी खलती रहती है सदा,

एक बे नाम तस्वीर की तरह.

राब्ते में थोड़े कमज़ोर है हम

लेकिन ताअल्लुक़ नहीं टूटे गा भरोसा रखना

सुनो क्या तुम भी याद करते हो इस तरह

मसल्सल चल रही है साँस जिस तरह

वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर

ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी

ज़ूलफ़े तेरी बिखरी बिखरी और आँचल भी सर से सरका

देख के तेरा यौवन गोरी तब दिल मेरा भी बहका

उसके लहज़े के बदलने की कहानी को समझ कर

अब भी अये दिल उसे चाहो तो तुम्हारी मर्ज़ी

रात फिर आएगी फिर ज़हेंन के दरवाज़े पर

कोई मेंहदी में रंगे हाथ से दस्तक देगा

जिस्म से होने वाली मोहब्बत का इज़हार आसान होता है

रूह से हुई मोहब्बत समझने में ज़िन्दगी गुजर जाती है

Joke And Shayari app

Evening 12
Evening 11
Evening 10
Evening 9