सर्द रातों को सताती है जुदाई तेरी आग बुझ

सर्द रातों को सताती है जुदाई तेरी आग बुझती नहीं सीने में लगायी तेरी तुम जो कहते थे बिछड़ कर मैं सुकून पा लूंगा फिर क्यों रोती है मेरे दर पर तन्हाई तेरी

लम्हा लम्हा ये वक़्त गुजर जायेगा जाने कब

लम्हा लम्हा ये वक़्त गुजर जायेगा जाने कब तू मुझसे बिछड़ जायेगा जी लेने दो मुझे इस एक पल में जिंदगी एक तुझसे बिछड़ कर ये दिल मर जायेगा

याद में तेरी आहे भरता है कोई हर सांस के

हमने माँगा था साथ उनका वो जुदाई का गम दे

हमने माँगा था साथ उनका वो जुदाई का गम दे गए हम उनकी यादो के सहारे ही जी लेते पर वो भूल जाने की कसम दे गए

पाया तुमको तो हम को लगा तुमको खो दिया हम

पाया तुमको तो हम को लगा तुमको खो दिया हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया क्यों इसके फासले हमें मंजूर हो गए कितने हुए करीब की हम दूर हो गए

सोच नहीं सकते एक पल भी दूर रहना तुमसे अग

सोच नहीं सकते एक पल भी दूर रहना तुमसे अगर तू भूल जाये तो टूट कर बिखर जाऊँ मैं कभी जन्नत भी मिले मुझे तेरे प्यार के बदले मोहब्बत की कसम वहां भी मुकर जाऊँ मैं