मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे

मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे

मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले

तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे

मेरी एक सांस ऐसी नही जो तेरा नाम ना ले

यूँ तो सपने बहुत हसीन होते है पर सपनो

यूँ तो सपने बहुत हसीन होते है

पर सपनो से प्यार नहीं करते

चाहते तो तुम्हे हम आज भी है

बस इज़हार नहीं करते

मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे,

मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे,

मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले,

तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे,

तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे,

मेरी एक सांस ऐसी नही जो तेरा नाम ना ले !!

तुम्हारी निगाहे क्या कमाल करती है, कभी

तुम्हारी निगाहे क्या कमाल करती है,

कभी हकीकत तो कभी अप्साने बया करती है,

थम्सी जाती है उस पल धरकने,

थम्सी जाती है उस पल धरकने,

जब तुम्हारी झुकी पल्के मोहब्बत का इज़हार करती है

उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है, उन से कह

उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है,

उन से कह न पाना हमारी मजबूरी है,

वो क्यू नै समझते हमारी खामोशी को,

क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है

दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की

दिल की किताब में गुलाब उनका था,

रात की नींद में वो ख्वाब उनका था,

है कितना प्यार हमसे जब ये हमने पूछ लिया

मर जाएँगे बिन तेरे ये जवाब उनका था !!