भाई बहन के अनमोल रिश्तों का यह त्यौहार रक्षाबंधन

भाई बहन के अनमोल रिश्तों
का यह त्यौहार
रक्षाबंधन
दिल से मुबारक हो!

रिश्तों में रुपयों का दखल अब आये न, क्या दिया क्य

रिश्तों में रुपयों का दखल अब आये न,
क्या दिया क्या पाया मन न भरमाये,
प्यार से बड़ा जग में और कुछ नहीं है होता,
बहना को भाई और बहन को ना कभी भुलाये!

रेशम के धागों का है यह मजबूत बंधन माथे पर चमके चा

रेशम के धागों का है यह मजबूत बंधन
माथे पर चमके चावल रोली और चन्दन
प्यार से मिठाई खिलाये बहन प्यारी
देख इसे छलक उठीं आँखों भर आया मन!

चंदन की लकड़ी फूलों का हारअगस्त का महीना सावन की

चंदन की लकड़ी फूलों का हार
अगस्त का महीना सावन की फुहार
भैया की कलाई बहन का प्यार
मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।

याद है हमें वो हमारा बचपन,वो लड़ना, वो झगड़ना और

याद है हमें वो हमारा बचपन,
वो लड़ना, वो झगड़ना और वो मना लेना,
यही होता है भाई बहन का प्यार,
और इसी प्यार को बढ़ाने आया है,
रक्षा बंधन का त्यौहार।
|| रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाये ||