एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है



और एक लम्हा है जो तेरे बगैर गुज़रता नहीं
हमको ही क्यों देते हो प्यार का इलज़ाम ज़रा खुद से भी पूछों इतने प्यारे क्यों हो ..open
ये माना न खुल सका कौन हूँ, किस से प्यार करता हूँ ..open
सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो.. ..open

काश होती तुझे मेरे दिल की खबर तुम साथ होते अगर ..open
ख़ुशी से दिल को आबाद करना ग़म से ज़िन्दगी को आज़ाद करना बस इतनी सी है गुज़ारिश हमारी सोने से पहले हम को भी याद करना ..open
मेरी आँखों के जादू से नावाकिफ़ हो तुम लोग मैं उसे पागल कर देता हूँ जिसपर मुझे प्यार आ जाये ..open

कोयल कूकी मौज-ए सबा पाऊँ में घुंघरू बांध लिए प्यार का नगमा छेड़ रहा है आज कोई शननई में ..open
फिर न कीजे मेरी गुस्ताख़ निखाही की गिला देखिये आपने फिर प्यार से देखा मुझको ..open
तुम साथ हो तो दुनियां अपनी सी लगती है ! वरना सीने मे सांसे भी पराई सी लगती है !! ..open

मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं! प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं! मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में! ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं! ..open
अपने होंठों पर सजाना चाहती हूँ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहती हूँ कोई आँसू तेरे बाजूओं पर गिराकर बूँद को मोती बनाना चाहती हूँ थक गयी मैं करते-करते याद तुझको अब तुझे मैं याद आना चाहती हूँ आख़री हिचकी तेरे ज़ानों पे आये मौत भी मैं शायराना चाहती हूँ ..open
तेरा प्यार पहन कर पूरी हूँ नहीं करना हार श्रृंगार पिया ..open

जो दिल के आईने में हो वही है प्यार के क़ाबिल वर्ण दीदार के क़ाबिल हर तस्वीर हुआ करती है ..open
एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है और एक लम्हा है जो तेरे बगैर गुज़रता नहीं ..open
सिर्फ याद बनकर न रह जाये प्यार मेरा कभी कभी कुछ वक़्त के लिए आया करो ..open

इस प्यार का किस्सा क्या लिखना एक बैठक थी बर्खास्त हुयी ..open
वो कहती है हाथ छोड़ दो प्यार की खातिर हमने प्यार छोड़ दिया प्यार की खातिर ..open
नजर" से दुर रहकर भी किसी की "सोच" मे रहना..♥ किसी के "पास" रहने का तरीका होतो ऐसा हो. ..open

इस प्यार का किस्सा क्या लिखना एक बैठक थी बर्खास्त हुयी ..open
बस आखरी बार इस तरह मिल जाना, मुझ को रख लेना या मुझ में रह जाना ..open

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