♥गुम रहा जब तक के दुन में दुन रहा

दिल के जाने का निहायत गम रहा

मेरे रोने की हक़ीकत जिसमे थी

एक मुद्दत तक वो कागज नाम रहा
♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू सबसे पहले तुम्हे याद करती हू खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू ..open
♥है मुश्किल तेरे दिल पर अपनी दोस्ती की कहानी लिखना शायद उतना ही जितना की बहते हमारे दीवानेपन की भी कोई दवा नही हमने तो वो भी सुन लिया जो उन्होने कहा भी नही ..open
फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open

♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू सबसे पहले तुम्हे याद करती हू खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू ..open
दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू, आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू, खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू . . . ..open
♥गीले काग़ज़ की तरह ज़िंदगी अपनी कोई जलाता नही और बहाता भी नही इस कदर अकेले हो गये हैं आज कल कोई सताता भी नही और मनाता भी नही ..open

♥हर तरफ यादो का शमा हे तेरा प्यार आज भी मेरे दिल मे जवा हे और तो सब कुछ मिल गया मुझे, ज़िंदगी में मगर तेरे प्यार को आज भी तरसे ये जिस्म और जाँ है ..open
कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है; कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है; पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से; तो प्यार जीने की वजह बन जाता है। ..open
भूलना चाहो तो भी याद हमारी आएगी, दिल की गहराई मे हमारी तस्वीर बस जाएगी. ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त, तलाश हमसे शुरू होकर हम पे ही ख़त्म हो जाएगी. ..open

♥फास्लो से इंतेज़ार बड़ा करता हे इंतेज़ार से प्यार ना बड़ा करता हे सारी ज़िंदगी खुदा से सजदा करो तब जा के तुम्हारे जैसा यार मिला करता हे ..open
इसे इत्तेफ़ाक़ कहू या मेरे दर्द की हकीकत, ए बेवफा सनम, आँख जब भी नम हुई वज़ह तुम ही निकले. ..open
फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open

न थी जिसको मेरे प्यार की कदर, इत्तेफ़ाक़ से उसी को छह रहा था मैं, उसी दिए ने जलाया मेरे हाथों को, जिसको हवा से बचा रहा था मैं ..open
♥फ़िज़ा मे महकती शाम हो तुम प्यार मे कहकता जाम हो तुम तुम्हे दिल मे छुपाए फिरते हे ए दोस्त मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम हो तुम ..open

आप को पाकर अब खोना नहीं चाहते इतना खुश होकर अब रोना नहीं चाहते ये आलम है हमारा आप की जुदाई में आँखों में है नींद पर सोना नहीं चाहते

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बेकाबू धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल नादान अभी तो सिर्फ पलकें झुकाई है ,कातिल मुस्कान तो अभी भी बाकी है…. जिनकी चाहत दिल मैं थी, जुदाई अब हम उनकी सहते हैं, ..open

.कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतजार है जुदाई के बाद भी हमें तुझसे प्यार है तेरे चेहरे की उदासी कर रही है बयान दास्ताँ की मुझसे मिलने के लिए तू भी बेक़रार है

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♥इश्क़ कर देता हे बेकरार भर देता हे पत्थर के दिल में प्यार' हर एक को नही मिलती ज़िंदगी की ये बाहर क्यूकी इश्क़ का दूसरा नाम हे इंतेज़ार ..open

इस दिल को किसी की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही, पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है ..open
शिद्दत-इ-तालाब से उसने मुझे चाहा , पहेले अपनाया, और फिर छोड़ दिया, कितनी मेहनत की है उस हसीन शख्स ने मेरा ये पाक दिल दुखने के लिए ..open

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