♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू

सबसे पहले तुम्हे याद करती हू

खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर

यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू

आप को पाकर अब खोना नहीं चाहते इतना खुश होकर अब रोना नहीं चाहते ये आलम है हमारा आप की जुदाई में आँखों में है नींद पर सोना नहीं चाहते

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♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू सबसे पहले तुम्हे याद करती हू खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू ..open
♥हर घड़ी सोचते हे भलाई तेरी सुन नही सकते बुराई तेरी हस्ते हस्ते रो पड़ती है आँखें मेरी इस तरह से सहते हे जुदाई तेरी ..open

उतर के देख मेरी चाहत की गहराई में ! सोचना मेरे बारे में रात की तन्हाई में ! अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हे ! तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई में ..open
♥है मुश्किल तेरे दिल पर अपनी दोस्ती की कहानी लिखना शायद उतना ही जितना की बहते हमारे दीवानेपन की भी कोई दवा नही हमने तो वो भी सुन लिया जो उन्होने कहा भी नही ..open
हमने सुना हैं की मासूम दुआओं की कोई भी कीमत नहीं होती, फिर भी आजकल कारोबार खूब चलता हैं इसका ….. वक़्त अच्छा हो तो आपकी बड़ी गलती भी छोटा सा मज़ाक लगती है और वक़्त खराब हो तो छोटा मज़ाक भी बड़ी गलती बन जाती हैं…. ..open

फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open
♥इश्क़ कर देता हे बेकरार भर देता हे पत्थर के दिल में प्यार' हर एक को नही मिलती ज़िंदगी की ये बाहर क्यूकी इश्क़ का दूसरा नाम हे इंतेज़ार ..open
भूलना चाहो तो भी याद हमारी आएगी, दिल की गहराई मे हमारी तस्वीर बस जाएगी. ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त, तलाश हमसे शुरू होकर हम पे ही ख़त्म हो जाएगी. ..open

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है; कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है; पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से; तो प्यार जीने की वजह बन जाता है। ..open
बेकाबू धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल नादान अभी तो सिर्फ पलकें झुकाई है ,कातिल मुस्कान तो अभी भी बाकी है…. जिनकी चाहत दिल मैं थी, जुदाई अब हम उनकी सहते हैं, ..open
♥गीले काग़ज़ की तरह ज़िंदगी अपनी कोई जलाता नही और बहाता भी नही इस कदर अकेले हो गये हैं आज कल कोई सताता भी नही और मनाता भी नही ..open

फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open
न थी जिसको मेरे प्यार की कदर, इत्तेफ़ाक़ से उसी को छह रहा था मैं, उसी दिए ने जलाया मेरे हाथों को, जिसको हवा से बचा रहा था मैं ..open
दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू, आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू, खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू . . . ..open

♥इस कदर गम ने हमे लूटा हे आँसू तक ने हमारा साथ छोड़ा है सभी है बेदर्द यहाँ ज़माने में जिसे दिल मे बसाया उसी ने दिल तोड़ा हे ..open
ज़िंदगी दी हे खुदा तूने अब जीने का हुनर दे, जो बक्शे हे पैर तो तोहफा-इ-सफर दे, ज़ुबा तो बक्श दी तूने मुझे पर, अब मेरी दुआओ में असर दे…. ..open
शिद्दत-इ-तालाब से उसने मुझे चाहा , पहेले अपनाया, और फिर छोड़ दिया, कितनी मेहनत की है उस हसीन शख्स ने मेरा ये पाक दिल दुखने के लिए ..open

♥फ़िज़ा मे महकती शाम हो तुम प्यार मे कहकता जाम हो तुम तुम्हे दिल मे छुपाए फिरते हे ए दोस्त मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम हो तुम ..open
♥हर घड़ी सोचते हे भलाई तेरी सुन नही सकते बुराई तेरी हस्ते हस्ते रो पड़ती है आँखें मेरी इस तरह से सहते हे जुदाई तेरी ..open

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