इस प्यार का किस्सा क्या लिखना

एक बैठक थी बर्खास्त हुयी
हमको ही क्यों देते हो प्यार का इलज़ाम ज़रा खुद से भी पूछों इतने प्यारे क्यों हो ..open
इस प्यार का किस्सा क्या लिखना एक बैठक थी बर्खास्त हुयी ..open
सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो.. ..open

जो दिल के आईने में हो वही है प्यार के क़ाबिल वर्ण दीदार के क़ाबिल हर तस्वीर हुआ करती है ..open
आज कल उन बच्चों को भी प्यार के ग़म लगे होते हैं जिन्हें नज़र के काले वाले टीके भी पूरे नहीं लगे होते हैं ..open
सिर्फ याद बनकर न रह जाये प्यार मेरा कभी कभी कुछ वक़्त के लिए आया करो ..open

एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है और एक लम्हा है जो तेरे बगैर गुज़रता नहीं ..open
ये माना न खुल सका कौन हूँ, किस से प्यार करता हूँ ..open
तेरा प्यार पहन कर पूरी हूँ नहीं करना हार श्रृंगार पिया ..open

तुम साथ हो तो दुनियां अपनी सी लगती है ! वरना सीने मे सांसे भी पराई सी लगती है !! ..open
जब ख़याल आया तो खयाल भी उनका आया जब आँखे बंद की ख्वाब भी उनका आया , सोचा याद कर लू किसी और को मगर होठ खुले तो नाम भी उनका आया. ..open
लगा कर फूल होठो से उसने कहा चुपके से अगर यहा कोई नहीं होता तो फूल की जगह तुम होते !! ..open

सिर्फ इतना ही कहा है, प्यार है तुमसे; जज्बातों की कोई नुमाईश नहीं की, प्यार के बदले सिर्फ प्यार मांगती हूँ, रिश्ते की तो कोई गुज़ारिश ही नहीं की ..open
बस आखरी बार इस तरह मिल जाना, मुझ को रख लेना या मुझ में रह जाना ..open
मेरी आँखों के जादू से नावाकिफ़ हो तुम लोग मैं उसे पागल कर देता हूँ जिसपर मुझे प्यार आ जाये ..open

काश होती तुझे मेरे दिल की खबर तुम साथ होते अगर ..open
वो कहती है हाथ छोड़ दो प्यार की खातिर हमने प्यार छोड़ दिया प्यार की खातिर ..open
फिर न कीजे मेरी गुस्ताख़ निखाही की गिला देखिये आपने फिर प्यार से देखा मुझको ..open

इस प्यार का किस्सा क्या लिखना एक बैठक थी बर्खास्त हुयी ..open
तूने प्यार भी अजीब चीज बनाई है या रब तेरे ही सामने तेरा हे बंदह राटा है तो किसी और के लिए ..open

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