इश्क के सहारे जिया नहीं करते,

गम के प्यालों को पिया नहीं करते,

कुछ नवाब दोस्त हैं हमारे,

जिनको परेशान न करो तो वो याद ही किया नहीं करते.”
ख्वाबो की दुनिया में हम खोते चले गए, ना थे मदहोश पर, मदहोश होते चले गए, ना जाने क्या बात थी उसके चेहरे में❓ ना चाहते हुए भी उनके होते चले गए... ..open
आप भुलाकर देखो, हम फिर भी याद आएंगे, आपके चाहने वालों में, आपको हम ही नज़र आएंगे, आप पानी पी-पी के थक जाओगे, पर हम हिचकी बनकर याद आएंगे. ..open
अब तो धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर, आप तो पूरे दिल पर ही कब्जा किये बैठे है. ..open

कितने खूबसूरत ​थे वो लम्हे … जब उसने कहा ❓ मुझे​ ​तुमसे​ ​मोहब्बत​ ​है​ ​और​ ​तुमसे​ ​ही​ ​रहेगी... ..open
यूँ पल-पल हमें सताया ना कीजिये, इस तरह हमारे दिल को तड़पाया न कीजिये, क्या पता कल हम हों ना हों इस जहाँ में❓ यूँ हमसे आप नजरें चुराया न कीजिये.. ..open
बड़ी ही हसीन शाम थी, वो तेरे साथ की, अब तक खुशबू नही गई, मेरी कलाई से, तेरे हाथ की.... ..open

इश्क के सहारे जिया नहीं करते, गम के प्यालों को पिया नहीं करते, कुछ नवाब दोस्त हैं हमारे, जिनको परेशान न करो तो वो याद ही किया नहीं करते.” ..open
कोई दोस्त कभी पुराना नहीं होता, कुछ दिन बात न करने से बेगाना नहीं होता, दोस्ती में दुरी तो आती रहती हैं, पर दुरी का मतलब भुलाना नहीं होता.” ..open
मोहब्बत कब और किससे और कहा हो जाये, इसका कोई अदांजा ही नहीं होता. ये घर ही ऐसा हैं , जिसका कोई दरवाजा नहीं होता. ..open

तेरे इस हुस्न को नकाब की जरुरत ही क्या है ❓ क्या कोई रह सकता हैं होश में, तेरी एक झलक के बाद❓. ..open
मिलने मिलाने का दौर और बढ़ाइए मोहब्बत में … अब सिर्फ यादों से गुज़ारा नहीं चलता. ..open

रात हुई जब शाम के बाद, आई तेरी याद हर बात के बाद, खामोश रहकर हमने भी देखा, आवाज़ आई तेरी हर, सांस के बाद....

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यु ही साथ कुछ दूर हमारे साथ चलो, आज दिल की हम कहानी कह देंगे, जो समझ ना सके आँखों की बात❓ आज वो बात तुम्हे हम जुबानी कह देंगे.. ..open
रात हुई जब शाम के बाद, आई तेरी याद हर बात के बाद, खामोश रहकर हमने भी देखा, आवाज़ आई तेरी हर, सांस के बाद.. ..open
उमर की राह मे रास्ते बदल जाते हैं वक़्त की आँधी मे इंसान बदल जाते हैं सोचते हैं आपको इतना याद ना करें लेकिन आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते है… ..open

बरसात आये तो ज़मीन गीली न हो, धूप आये तो सरसों पीली न हो, ए दोस्त तूने यह कैसे सोच लिया कि, तेरी याद आये और पलकें गीली न हों। ..open
लोग कहते हैं कि इश्क मत करो, कि हुस्न सर पे सवार हो जाये, हम कहते हैं कि इश्क इतना करो, कि पत्थर दिल को भी तुमसे प्यार हो जाये. ..open
ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को तस्सली हो जाए, क्या ये कहना काफी नहीं की,,, बस तुम ही मेरी ज़िन्दगी हो. ..open

मिटाना भी चाहूँ तो भी मिटा नही सकता…!! उसका नाम अपने दिल से… क्यूंकि मिटाए तो वो जाते हैं जो गलती से लिखे जाते हैं…! ..open
जब जब में लेता हूँ साँस तू याद आती है, मेरी हर एक साँस मे तेरी खुश्बू बस जाती है, कैसे कहूँ तेरे बिना में ज़िंदा हूँ, क्यूंकी हर साँस से पहले तेरी खुश्बु आती है… ..open

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