जब छोटे थे हम तो जोर से रोते थे जो पसंद होता था उसे पाने के लिए आज बड़े है तो चुपके से रोते है जो पसंद है उसे भुलाने के लिए

तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते हमारे गिरते हुए आंसूओ को पढ़ कर देखो वो भी कहते है की हम आपके बिना रह नहीं सकते

..open
ना वो आये और ना कोई उनका पैगाम आया इंतजार में आपने तड़पा कर हमें है रुलाया हमसे खता हुई अगर कोई तुम बता तो देते ऐसी भी क्या नाराजगी थी जो हमें आपने भुलाया ..open
जुबान खामोश आँखों में नमी होगी यही बस एक दास्ताँ जिंदगी की होगी भरने को तो हर जख्म भर जायेगा लेकिन कैसे भरेगी वो जगह जहाँ उसकी कमी होगी ..open

लोग लेते है यूँ ही शम्मा और परवाने का नाम कुछ नहीं है इस जहाँ में ग़ुम के अफ़साने का नाम ..open
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तेरे बगैर अगर तू देख ले तो कभी तन्हा ना छोड़ती मुझे ..open
.मौत ने तो नहीं जिंदगी ने बहुत सताया है तुझे जितना भूले तू उतना ही याद आया है तू क्यों इस बात को अक्सर भूल जाता है बरसों मिन्नतों के बाद तुझे पाया है ..open

आज जरुरत है जिसकी वो पास नहीं है अब उनके दिल में वो एहसास नहीं है तड़पते है दो पल बात करने को शायद अब वक़्त हमारे लिए उनके पास नहीं है ..open
जाने किस बात की मुझको सजा देता है मेरी हंसती हुई आँखों को रुला देता है एक मुद्दत से खबर भी नहीं तेरी कोई इस तरह भी क्या अपने प्यार को भुला देता है ..open

ये कैसी जुदाई है जिसने हमें शायर बना दिया ये कैसा गम है जिसने हमें बेबस बना दिया सोचा नहीं था जुदा हो जाओगे हमसे कभी करते भी क्या जब आप ने ही गैर बना दिया

..open

अब कौन से मौसम से कोई आस लगाये बरसात में भी याद ना जब उनको हम आये ..open
सजा ना दो मुझे बेक़सूर हूँ मैं थाम लो मुझको गमो से चूर हूँ मैं तेरी दुरी ने कर दिया है पागल सा मुझे और लोगो का कहना है की मगरूर हूँ मैं ..open
मजबूरी में जब कोई किसी से जुदा होता है, ये तो ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है, देकर वो आपकी आँखों में जुदाई के आँसू, तन्हाई में वो आपसे भी ज्यादा रोता है। ..open

किसी से जुदा होना इतना आसान होता तो, जिस्म से रूह को लेने फ़रिश्ते नहीं आते

..open
भूले है रफ्ता रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम किश्तों में खुदखुशी का मज़ा हमसे पूछिये ..open
दिल तो करता है जिंदगी को किसी कातिल के हवाले कर दू जुदाई में यूँ रोज रोज का मरना मुझे अच्छा नहीं लगता ..open

कितना भी चाहो ना भूल पाओगे हमें जितनी दूर जाओगे नजदीक पाओगे हमें मिटा सकते हो तो मिटा दो यादें मेरी मगर क्या सांसो से भी जुदा कर पाओगे हमें

..open

आपकी याद दिल को बेक़रार करती है नजर तलाश आपको बार बार करती है गिला नहीं जो हम है दूर आपसे हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है

..open
तमन्ना से नहीं तन्हाई से डरते है प्यार से नहीं रुस्वाई से डरते है मिलने की चाहत तो बहुत है मगर मिलन के बाद की जुदाई से डरते है ..open

खूबसूरत है जिंदगी ख्वाब की तरह जाने कब टूट जाये कांच की तरह मुझे ना भूलना किसी बात की तरह अपने दिल में ही रखना खूबसूरत याद की तरह ..open
कट ही गयी जुदाई भी कब ये हुआ की मर गए तेरे भी दिन गुजर गए मेरे भी दिन गुजर गए ..open

Did you find this page helpful? X