.कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतजार है जुदाई के बाद भी हमें तुझसे प्यार है तेरे चेहरे की उदासी कर रही है बयान दास्ताँ की मुझसे मिलने के लिए तू भी बेक़रार है

♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू सबसे पहले तुम्हे याद करती हू खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू ..open
इस दिल को किसी की आस रहती है, निगाहों को किसी सूरत की प्यास रहती है, तेरे बिना किसी चीज़ की कमी तो नही, पर तेरे बेगैर जिन्दगी बड़ी उदास रहती है ..open
♥है मुश्किल तेरे दिल पर अपनी दोस्ती की कहानी लिखना शायद उतना ही जितना की बहते हमारे दीवानेपन की भी कोई दवा नही हमने तो वो भी सुन लिया जो उन्होने कहा भी नही ..open

फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open
उतर के देख मेरी चाहत की गहराई में ! सोचना मेरे बारे में रात की तन्हाई में ! अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हे ! तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई में ..open
♥फास्लो से इंतेज़ार बड़ा करता हे इंतेज़ार से प्यार ना बड़ा करता हे सारी ज़िंदगी खुदा से सजदा करो तब जा के तुम्हारे जैसा यार मिला करता हे ..open

दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू, आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू, खुदा ने बस इतना सिखाया हे मुझे कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू . . . ..open
ज़िंदगी दी हे खुदा तूने अब जीने का हुनर दे, जो बक्शे हे पैर तो तोहफा-इ-सफर दे, ज़ुबा तो बक्श दी तूने मुझे पर, अब मेरी दुआओ में असर दे…. ..open
शिद्दत-इ-तालाब से उसने मुझे चाहा , पहेले अपनाया, और फिर छोड़ दिया, कितनी मेहनत की है उस हसीन शख्स ने मेरा ये पाक दिल दुखने के लिए ..open

कोई तो दिल का भी सहारा होता है; ज़रूरी नहीं ज़िन्दगी अपने लिए ही प्यारी हो; ज़िन्दगी में कोई तो ज़िन्दगी से भी प्यारा होता है ..open
न थी जिसको मेरे प्यार की कदर, इत्तेफ़ाक़ से उसी को छह रहा था मैं, उसी दिए ने जलाया मेरे हाथों को, जिसको हवा से बचा रहा था मैं ..open
♥गुम रहा जब तक के दुन में दुन रहा दिल के जाने का निहायत गम रहा मेरे रोने की हक़ीकत जिसमे थी एक मुद्दत तक वो कागज नाम रहा ..open

.कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतजार है जुदाई के बाद भी हमें तुझसे प्यार है तेरे चेहरे की उदासी कर रही है बयान दास्ताँ की मुझसे मिलने के लिए तू भी बेक़रार है

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♥इबादतो की तरह में ये काम करती हू सबसे पहले तुम्हे याद करती हू खुदा ने दिया हे यह इश्क़ का नूर यॅ सलतनत मैं तुम्हारे नाम करती हू ..open
♥हर घड़ी सोचते हे भलाई तेरी सुन नही सकते बुराई तेरी हस्ते हस्ते रो पड़ती है आँखें मेरी इस तरह से सहते हे जुदाई तेरी ..open

इसे इत्तेफ़ाक़ कहू या मेरे दर्द की हकीकत, ए बेवफा सनम, आँख जब भी नम हुई वज़ह तुम ही निकले. ..open

आप को पाकर अब खोना नहीं चाहते इतना खुश होकर अब रोना नहीं चाहते ये आलम है हमारा आप की जुदाई में आँखों में है नींद पर सोना नहीं चाहते

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फुर्सत नहीं उन्हें हमसे कुछ बातें करने की, इसलिए अब हम हर वक़्त खामोश रहते हैं ..open

हमने सुना हैं की मासूम दुआओं की कोई भी कीमत नहीं होती, फिर भी आजकल कारोबार खूब चलता हैं इसका ….. वक़्त अच्छा हो तो आपकी बड़ी गलती भी छोटा सा मज़ाक लगती है और वक़्त खराब हो तो छोटा मज़ाक भी बड़ी गलती बन जाती हैं…. ..open
♥इस कदर गम ने हमे लूटा हे आँसू तक ने हमारा साथ छोड़ा है सभी है बेदर्द यहाँ ज़माने में जिसे दिल मे बसाया उसी ने दिल तोड़ा हे ..open

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