पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी न हो काँटों से सामना,
जिंदगी आपकी खुशियो से भरी रहे,
यही है संक्रांति पर हमारी शुभकामना!
इस संक्रांति.. . . . . . . . पतंग संभाल कर रखना, गये साल मेरे सारे पतंग Admin ने चुरा लिये थे… हेप्पी मकरसंक्रांति ..open
बिन बादल बरसात नहीं होती, सूरज के उगे बिना दिन की शुरुआत नहीं होती! हम जानते है हमारे बिना विश की आप की कोई त्यौहार शुरुआत नहीं होती, आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभ कामना !! ..open
इस वर्ष की मकर संक्रांति, आपके लिए हो तिल लड्डू जैसी मीठी ! मिले कामयाबी पतंग जैसी उँची, इसी कामना वाली मकर संक्राति !! ..open

तन में मस्ती, मन में उमंग, चलो आकाश में डाले रंग, हो जाये सब संग-संग, उड़ाये पतंग ! Happy Uttarayan ..open
.+’"+.+"’+. + 2 "+. wish U "+. .+""+.+""+. + Happy + "+. sankranti ..open
पल पल सुनहरे फूल खिले, कभी ना हो कांटों का सामना, जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे, संक्रांति पर हमारी यही शुभकामना Happy Makar Sankranti ..open

तील हम है, और गुड़ हो आप, मिठाई हम है, और मिठास हो आप, इस साल के पहले त्योंहार से हो रही आज शुरुआत… आपको हमारी ओर से *Happy Makar Sankrat* ..open
काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी, टूटे ना कभी डोर आपके विश्वास की, छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी, जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की ..open
मुंगफली की खुश्बु और गुड़ की मिठास, दिलों में खुशी और अपनो का प्यार, मुबारक हो आपको मकर संक्रांति का त्योंहार ..open

मंदिर की घंटी, आरती की थाली, नदी के किनारे सुरज की लाली, जिंदगी में आये खुशियों की बहार, आपको मुबारक हो पतंगों का त्योंहार.. ..open
पल पल सुनहरे फूल खिले, कभी न हो काँटों से सामना, जिंदगी आपकी खुशियो से भरी रहे, यही है संक्रांति पर हमारी शुभकामना! ..open
तीळगुळ Ghya… . आणी पाठिमागे God God बोला.. . क्योंकि भाई सामने तो सभी मीठा ही बोलते है… Happy Makar Sankranti ..open

खुले आसमा में जमी से बात न करो.. ज़ी लो ज़िंदगी ख़ुशी का आस न करो.. हर त्यौहार में कम से कम हमे न भूलो करो.. फ़ोन से न सही मैसेज से ही संक्राति विश किया करो ! ..open
आप को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं.. “यादें अक्सर होती है सताने के लिए, कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नही, बस दिलो में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए!!!!!” ..open
तन में मस्ती, मन में उमंग, देकर सबको अपनापन, गुड़ में जैसे मिठापन, होकर साथ हम उड़ाये पतंग, भर दें आकाश में अपने रंग… Happy Sankranti… ..open

कागज अपनी किस्मत से उड़ती है, और पतंग अपनी काबिलियत से… इसलिए किसमत साथ दे या ना दे… पर काबिलियत हमेशा साथ देती… काबिल बनो… कामयाबी झक मारके पीछे दौड़ेगी… Happy Makar Sankranti ..open

अपनी राय अवश्य दे X