सिर्फ इतना ही कहा है, प्यार है तुमसे;

जज्बातों की कोई नुमाईश नहीं की,

प्यार के बदले सिर्फ प्यार मांगती हूँ,

रिश्ते की तो कोई गुज़ारिश ही नहीं की
सिर्फ इतना ही कहा है, प्यार है तुमसे; जज्बातों की कोई नुमाईश नहीं की, प्यार के बदले सिर्फ प्यार मांगती हूँ, रिश्ते की तो कोई गुज़ारिश ही नहीं की ..open
जो दिल के आईने में हो वही है प्यार के क़ाबिल वर्ण दीदार के क़ाबिल हर तस्वीर हुआ करती है ..open
मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं! प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं! मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में! ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं! ..open

आज कल उन बच्चों को भी प्यार के ग़म लगे होते हैं जिन्हें नज़र के काले वाले टीके भी पूरे नहीं लगे होते हैं ..open
फिर न कीजे मेरी गुस्ताख़ निखाही की गिला देखिये आपने फिर प्यार से देखा मुझको ..open
अपने होंठों पर सजाना चाहती हूँ आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहती हूँ कोई आँसू तेरे बाजूओं पर गिराकर बूँद को मोती बनाना चाहती हूँ थक गयी मैं करते-करते याद तुझको अब तुझे मैं याद आना चाहती हूँ आख़री हिचकी तेरे ज़ानों पे आये मौत भी मैं शायराना चाहती हूँ ..open

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो.. ..open
कोयल कूकी मौज-ए सबा पाऊँ में घुंघरू बांध लिए प्यार का नगमा छेड़ रहा है आज कोई शननई में ..open
तेरा प्यार पहन कर पूरी हूँ नहीं करना हार श्रृंगार पिया ..open

वो कहती है हाथ छोड़ दो प्यार की खातिर हमने प्यार छोड़ दिया प्यार की खातिर ..open
बस आखरी बार इस तरह मिल जाना, मुझ को रख लेना या मुझ में रह जाना ..open
सिर्फ याद बनकर न रह जाये प्यार मेरा कभी कभी कुछ वक़्त के लिए आया करो ..open

जब ख़याल आया तो खयाल भी उनका आया जब आँखे बंद की ख्वाब भी उनका आया , सोचा याद कर लू किसी और को मगर होठ खुले तो नाम भी उनका आया. ..open
एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है और एक लम्हा है जो तेरे बगैर गुज़रता नहीं ..open
ये माना न खुल सका कौन हूँ, किस से प्यार करता हूँ ..open

हमको ही क्यों देते हो प्यार का इलज़ाम ज़रा खुद से भी पूछों इतने प्यारे क्यों हो ..open
काश होती तुझे मेरे दिल की खबर तुम साथ होते अगर ..open
लगा कर फूल होठो से उसने कहा चुपके से अगर यहा कोई नहीं होता तो फूल की जगह तुम होते !! ..open

तूने प्यार भी अजीब चीज बनाई है या रब तेरे ही सामने तेरा हे बंदह राटा है तो किसी और के लिए ..open
नजर" से दुर रहकर भी किसी की "सोच" मे रहना..♥ किसी के "पास" रहने का तरीका होतो ऐसा हो. ..open

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