तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं

हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता

हमें तामीर के धोखे में रखकर हमारे ख्वाब चुनवाये गए हैं :( ..open
जिस्म से होने वाली मोहब्बत का इज़हार आसान होता है रूह से हुई मोहब्बत समझने में ज़िन्दगी गुजर जाती है ..open
उदासी ......... कुछ तो बोलो न .... भला क्यों आज तुम .... दिल में.... ना दश्तक... बिना आहट... काशक बन कर समायी हो.....?? ..open

कितनी मासूम तमन्ना है नाम अपना तेरी आवाज़ में सुनूँ ..open
राब्ते में थोड़े कमज़ोर है हम लेकिन ताअल्लुक़ नहीं टूटे गा भरोसा रखना ..open
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये ..open

सुनो क्या तुम भी याद करते हो इस तरह मसल्सल चल रही है साँस जिस तरह ..open
तेरी कमी खलती रहती है सदा, एक बे नाम तस्वीर की तरह. ..open
वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी ..open

तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता ..open
आए बिछड़ने का कोई और तरीका ढूंढें प्यार बढ़ता है मेरी जां खफा रहने से ..open
तुमको देखूं तो मुझे प्यार बहोत आता है ज़िंदगी इतनी हसीन पहले तो नही लगती थी ..open

दिल की दहलीज पर रख कर तेरी यादों के चिराग हमने दुनियां को मोहब्बत के उजाले बख्शे ..open
ख्वाब लफ़्ज़ों में ढल नहीं सकते काश आँखें पढ़ा करे कोई ..open
जिस जगह जाकर कोई वापस नहीं आता जाने क्यों आज वहां जाने को जी चाहता है ..open

ज़ूलफ़े तेरी बिखरी बिखरी और आँचल भी सर से सरका देख के तेरा यौवन गोरी तब दिल मेरा भी बहका ..open
खन खना खन है ख्यालों में जरुर आज उसने कंगन पहने होंगे ..open
उसके लहज़े के बदलने की कहानी को समझ कर अब भी अये दिल उसे चाहो तो तुम्हारी मर्ज़ी ..open

कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ दिल को किस बात ने उदास किया ..open
रात फिर आएगी फिर ज़हेंन के दरवाज़े पर कोई मेंहदी में रंगे हाथ से दस्तक देगा ..open

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