तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते हमारे गिरते हुए आंसूओ को पढ़ कर देखो वो भी कहते है की हम आपके बिना रह नहीं सकते

मजबूरी में जब कोई किसी से जुदा होता है, ये तो ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है, देकर वो आपकी आँखों में जुदाई के आँसू, तन्हाई में वो आपसे भी ज्यादा रोता है। ..open
खूबसूरत है जिंदगी ख्वाब की तरह जाने कब टूट जाये कांच की तरह मुझे ना भूलना किसी बात की तरह अपने दिल में ही रखना खूबसूरत याद की तरह ..open
तमन्ना से नहीं तन्हाई से डरते है प्यार से नहीं रुस्वाई से डरते है मिलने की चाहत तो बहुत है मगर मिलन के बाद की जुदाई से डरते है ..open

सजा ना दो मुझे बेक़सूर हूँ मैं थाम लो मुझको गमो से चूर हूँ मैं तेरी दुरी ने कर दिया है पागल सा मुझे और लोगो का कहना है की मगरूर हूँ मैं ..open
दिल तो करता है जिंदगी को किसी कातिल के हवाले कर दू जुदाई में यूँ रोज रोज का मरना मुझे अच्छा नहीं लगता ..open
अब कौन से मौसम से कोई आस लगाये बरसात में भी याद ना जब उनको हम आये ..open

आपकी याद दिल को बेक़रार करती है नजर तलाश आपको बार बार करती है गिला नहीं जो हम है दूर आपसे हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है

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उदास ना बैठो फ़िज़ा तंग करेगी गुजरे हुए लम्हों की सजा तंग करेगी किसी को ना लाओ दिल के इतना करीब क्यों की उसके जाने के बाद उसकी हर अदा तंग करेगी ..open
.मौत ने तो नहीं जिंदगी ने बहुत सताया है तुझे जितना भूले तू उतना ही याद आया है तू क्यों इस बात को अक्सर भूल जाता है बरसों मिन्नतों के बाद तुझे पाया है ..open

हो जुदाई का शबाब कुछ भी मगर हम उसे अपनी खता कहते है वो तो सांसो में ढली है मेरे जाने क्यों लोग उसे मुझसे जुदा कहते है ..open
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तेरे बगैर अगर तू देख ले तो कभी तन्हा ना छोड़ती मुझे ..open
जाने किस बात की मुझको सजा देता है मेरी हंसती हुई आँखों को रुला देता है एक मुद्दत से खबर भी नहीं तेरी कोई इस तरह भी क्या अपने प्यार को भुला देता है ..open

लोग लेते है यूँ ही शम्मा और परवाने का नाम कुछ नहीं है इस जहाँ में ग़ुम के अफ़साने का नाम ..open
जब छोटे थे हम तो जोर से रोते थे जो पसंद होता था उसे पाने के लिए आज बड़े है तो चुपके से रोते है जो पसंद है उसे भुलाने के लिए ..open
भूले है रफ्ता रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम किश्तों में खुदखुशी का मज़ा हमसे पूछिये ..open

तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते हमारे गिरते हुए आंसूओ को पढ़ कर देखो वो भी कहते है की हम आपके बिना रह नहीं सकते

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ऐ जिंदगी काश तू ही रूठ जाती मुझसे ये रूठे हुए लोग मुझसे मनाये नहीं जाते ..open
कट ही गयी जुदाई भी कब ये हुआ की मर गए तेरे भी दिन गुजर गए मेरे भी दिन गुजर गए ..open

ना वो आये और ना कोई उनका पैगाम आया इंतजार में आपने तड़पा कर हमें है रुलाया हमसे खता हुई अगर कोई तुम बता तो देते ऐसी भी क्या नाराजगी थी जो हमें आपने भुलाया ..open
आज जरुरत है जिसकी वो पास नहीं है अब उनके दिल में वो एहसास नहीं है तड़पते है दो पल बात करने को शायद अब वक़्त हमारे लिए उनके पास नहीं है ..open

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