“वो जब अपने हाथो की लकीरों में मेरा नाम ढूंढ कर थक गये, सर झुकाकर बोले, लकीरें झूठ बोलती है तुम सिर्फ मेरे हो
प्यार क्या है ना पूछों तुम मुझसे क्या बताने से मान जाओगे यूं बताने से फायदा भी नहीं कर के देखो तो जान जाओगे ..open
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है, उन से कह न पाना हमारी मजबूरी है, वो क्यू नै समझते हमारी खामोशी को, क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है ..open
मोहब्बत है कितनी ज्यादा तुमसे कहो तो सारे जहाँ को बता दूँ तू करदे हाँ एक बार तेरे कदमो में आसमा बिछा दूँ ..open

मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे, मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले, तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे, तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे, मेरी एक सांस ऐसी नही जो तेरा नाम ना ले !! ..open
यूँ तो सपने बहुत हसीन होते है पर सपनो से प्यार नहीं करते चाहते तो तुम्हे हम आज भी है बस इज़हार नहीं करते ..open
तुझसे ऐतबार करना है दिलो जान से प्यार करना है ख्वाहिश ज्याद नहीं बस इतनी है मेरी की हर लम्हे में तुझे अपना बना के रखना है ..open

तेरी अदाओं से प्यार है तेरी निगाहों से प्यार है तेरे होने से होती है ज़िंदगी में खुशी इतना तेरे एहसास से प्यार हैं ..open
अपनी मोहब्बत से सजाना है तुझको कितनी चाहत है ये बताना है तुझको राहों में बिछा के मोहब्बत अपनी प्यार के सफर पे ले जाना है तुझको ..open
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाउंगी तु जहा जाएगा में वहाँ-वहाँ आऊँगी साया तो छोड़ जाता है साथ अँधेरे में लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाउंगी ..open

दीवानी हूँ तेरी मुझे इंकार नही, कैसे कहदु की मुझे तुमसे प्यार नही, कुछ शरारत तो तेरी नजरो में भी थी, कुछ शरारत तो तेरी नजरो में भी थी, में अकेली ही इसकी गुनेगार नही ..open
मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले तेरा वहम है की मैंने भुला दिया तुझे मेरी एक सांस ऐसी नही जो तेरा नाम ना ले ..open
“वो जब अपने हाथो की लकीरों में मेरा नाम ढूंढ कर थक गये, सर झुकाकर बोले, लकीरें झूठ बोलती है तुम सिर्फ मेरे हो ..open

तुम्हारी निगाहे क्या कमाल करती है, कभी हकीकत तो कभी अप्साने बया करती है, थम्सी जाती है उस पल धरकने, थम्सी जाती है उस पल धरकने, जब तुम्हारी झुकी पल्के मोहब्बत का इज़हार करती है ..open
जुदाई का वक़्त हमें बेक़रार करता है.. हमारे हालात हमें मजबूर करते हैं.. ज़रा हमारी आँखें तो पढ़ लो एक बार.. हम खुद कैसे कहें की आपसे बहुत प्यार करते हैं। ..open
जब से देखो है तेरी आंखों में झांक कर, कोई भी आईना अच्छा नहीं लगता तेरी मोहब्बत में ऐसे हुए है दिवाने कि कोई तुम्हें देखे तो अच्छा नहीं लगता ..open

मुझे खामोश राहों मै तेरा साथ चाहिए तन्हा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए जूनून-ई-इश्क को तेरी ही सौगात चाहिए मुझे जीने के लिए तेरा ही प्यार चाहिए ..open
“सुन पगली मेरा StaTus तुझे Ð से ÐeeWana नही, Ð से Ðarling बना सकता है | ..open
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी है, उन से कह न पाना हमारी मजबूरी है, वो क्यू नै समझते हमारी खामोशी को, क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है ! ..open

दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में वो ख्वाब उनका था, है कितना प्यार हमसे जब ये हमने पूछ लिया मर जाएँगे बिन तेरे ये जवाब उनका था !! ..open
कुछ कहने को दिल करता है.. जिसे कहते हुए डर लगता है.. आज propose day है कह ही डालते हैं.. हम तुम्हे दिल-ओ-जान से ज्यादा मोहब्बत करते हैं। ..open

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